पुराने वाहन खरीदने व बेचने पर अब नहीं चलेगा विक्रय-पत्र और पहचान-पत्र से काम, लगाना होगा आरटीओ कार्यालय का चक्कर

पुराने वाहन खरीदने व बेचने पर अब नहीं चलेगा विक्रय-पत्र और पहचान-पत्र से काम, लगाना होगा आरटीओ कार्यालय का चक्कर

देहरादून। राजधानी देहरादून से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां, अगर आप पुराना वाहन खरीद या बेच रहे हैं, तो केवल विक्रय-पत्र और पहचान-पत्र की छाया-प्रति लेने से काम नहीं चलेगा. वाहन ट्रांसफर कराने के दौरान आरटीओ कार्यालय में वाहन मालिक का आना अनिवार्य कर दिया गया है।

कार्यालय में वाहन मालिक का सत्यापन व हस्ताक्षर मिलान कराया जाएगा। उसके बाद ही वाहन ट्रांसफर किया जाएगा। यही नहीं, इस बीच वाहन साफ्टवेयर में हुए एक बदलाव से वाहन ट्रांसफर कराने में परेशानी और बढ़ गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब वाहन तभी ट्रांसफर होगा, जब उसके पुराने मालिक के आधार कार्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा। यह ओटीपी साफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। तब तक ट्रांसफर की एप्लीकेशन कंप्यूटर में आगे ही नहीं बढ़ेगा अभी तक वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान केवल खरीदार के मोबाइल पर ओटीपी जाता था। अब विक्रेता और क्रेता दोनों के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। जब तक पुराना मालिक ओटीपी नहीं बताएगा, तब तक ट्रांसफर की फीस भी नहीं कटेगी।

आरटीओ सुनील शर्मा ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में किसी भी व्यक्ति को परेशान होने नहीं दिया जाएगा। साफ्टवेयर में बदलाव के कारण पुराने मालिक के मोबाइल पर ओटीपी से जुड़ी जो परेशानी आ रही है, इसके लिए मुख्यालय में बात की जा रही है। वहीं, पुराने मालिक को बुलाने का नियम केवल वाहन ट्रांसफर में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया गया है। अगर किसी को कोई परेशानी आ रही है तो वह सीधे आकर मुझसे या अन्य अधिकारियों से बात कर सकता है। नियम आमजन को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सहूलियत के लिए हैं।

Samachaar India

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