सुस्त सिस्टम के कारण समूह-ग की भर्तियों में अटक गए सरकार के आदेश, 30 नवंबर को निकली थी आखिरी भर्ती

सुस्त सिस्टम के कारण समूह-ग की भर्तियों में अटक गए सरकार के आदेश, 30 नवंबर को निकली थी आखिरी भर्ती

देहरादून। उत्तराखंड में समूह-ग की भर्तियों में तेजी लाने के सरकार के आदेश सुस्त सिस्टम के कारण अटक गए हैं। हालात ये हैं कि समूह-ग की आखिरी भर्ती कनिष्ठ सहायक की 30 नवंबर को निकली थी। इसके बाद से तीन महीने बीत गए किसी नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक होने के बाद सरकार ने समूह-ग की भर्तियों की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को सौंपी थी। सरकार ने यह भी दावा किया था कि राज्य लोक सेवा आयोग अब भर्तियों में तेजी लाएगा।

इसके तहत आयोग ने भर्तियों का कैलेंडर जारी किया था। कैलेंडर के हिसाब से आयोग ने पुलिस कांस्टेबल, पटवारी लेखपाल, फॉरेस्ट गार्ड, सहायक लेखाकार, बंदीरक्षक की भर्तियों के नोटिफिकेशन भी जारी कर दिए थे। इसके बीच आयोग ने पुलिस कांस्टेबल, पटवारी लेखपाल, कनिष्ठ सहायक परीक्षा करा भी दी है। भर्तियों का अभियान फिर धीमा हो गया है। 30 नवंबर को कनिष्ठ सहायक की आखिरी भर्ती निकाली गई थी।

इसके बाद कृषि पशुपालन विभाग की भर्ती जनवरी में निकलनी थी लेकिन यह पद ही विभाग ने खत्म कर दिए थे। इसके बाद जनवरी के आखिरी सप्ताह में तय पुलिस उप निरीक्षक और पर्यावरण पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक की भर्ती नहीं निकली। अब मार्च में मानचित्रकार, प्रारूपकार की भर्ती निकालने की योजना है लेकिन अभी यह पुष्ट नहीं है। इससे हजारों युवाओं का सरकारी नौकरी का इंतजार बढ़ता जा रहा है।

दरअसल, नई भर्तियों के प्रस्तावों (अधियाचन) में संशोधन के चक्कर में फाइलें लटकी हुई हैं। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत का कहना है कि पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती की सेवा नियमावली में कुछ संशोधन होना है। मानचित्रकार प्रारूपकार की भर्ती के प्रस्ताव में भी बदलाव होना है। उन्होंने कहा कि आयोग के स्तर से तैयारी पूरी है लेकिन प्रस्ताव शासन से अभी वापस आने का इंतजार है।

Samachaar India

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