बालासोर में तीन ट्रेन हुई हादसे का शिकार, 238 लोगों की मौत, 900 लोग घायल

बालासोर में तीन ट्रेन हुई हादसे का शिकार, 238 लोगों की मौत, 900 लोग घायल

ओडिशा। बालासोर में हुए ट्रेन हादसा, देश के सबसे बड़े रेल हादसों में से एक है। इस हादसे में अभी तक 238 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 900 के करीब लोग घायल हैं। तीन ट्रेनें हादसे का शिकार हुईं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेल की कई बोगियां बुरी तरह से तबाह हो गई हैं। वहीं एक बोगी घटनास्थल से कुछ दूरी पर जाकर गिरी है, जिससे अंदाजा लगा सकते हैं कि टक्कर कितनी जबरदस्त थी। तस्वीरों में देखिए हादसे की भयावहता… बेंगलुरु हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई  सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी हादसे की शिकार हुईं।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी चल रहे हैं। सभी नजदीकी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ की छह टीमें, एसडीआरएफ की चार टीमें, रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें, 15 फायर विभाग की टीमें, 30 डॉक्टर, 200 पुलिसकर्मी और 60 के करीब एंबुलेंस घटनास्थल पर मौजूद हैं। रेल मंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के लिए 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों के लिए दो लाख रुपए और अन्य घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे का एलान किया है।

वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए पीएम नेशनल रिलीफ फंड से मृतकों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है। हादसे के चलते खड़गपुर डिवीजन के हावड़ा-चेन्नई रूट से गुजरने वाली 18 लंबी  दूरी की ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं। हादसे के चलते ओडिशा और तमिलनाडु में एक-एक दिन के शोक का एलान किया गया है। तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन, शिव शंकर और अनबिल महेश भी ओडिशा में घटनास्थल का दौरा करने के लिए रवाना हो गए हैं।

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम हादसे की जानकारी के लिए ओडिशा जा रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से बात की है। घटनास्थल पहुंचने के बाद ही मैं कोई जानकारी दे पाऊंगा। तमिलनाडु में भी स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार कर दिया गया है। हादसे के बाद बालासोर में अस्पतालों के बाहर लोगों की भारी भीड़ है। काफी संख्या में लोग रक्त दान के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्यों में भी स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं। सेना भी राहत कार्यों में जुटी है।

घटनास्थल पहुंचे रेलमंत्री ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। साथ ही रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर भी घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट देंगे। रेल मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि फिलहाल उनका फोकस राहत और बचाव कार्यों पर है। रेलवे द्वारा हादसे के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबर्स पर कॉल करके लोग अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी पा सकते हैं। रेल हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।

Samachaar India

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *